12 मार्च 2019 - 16:50
बिल्ट ने ट्वीट पर ईरान और अमेरिका की अनोखी तुलना की

बिल्ट ने ट्वीट पर लिखा कि ट्रंप ने इराक में केवल अमेरिकी सैनिकों से मुलाकात की और वह भी एक दूर हवाई सैनिक छावनी में और इराकी नेताओं से उन्होंने कोई भेंट नहीं की जबकि ईरान के राष्ट्रपति ने इराक यात्रा के लिए तीन दिनों को विशेष किया है।

राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी अपने इराकी समकक्ष बरहम सालेह और प्रधानमंत्री आदिल अब्दुल मेहदी के आधिकारिक निमंत्रण पर एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन दिवसीय इराक यात्रा पर हैं। बहुत से राजनीतिक टीकाकार इस यात्रा को तेहरान-बग़दाद संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ मान रहे हैं।

इस यात्रा ने इराक में ईरान की लोकप्रियता और प्रतिष्ठा को विश्व वासियों के समक्ष दर्शा दिया है जबकि अमेरिका और ईरानी राष्ट्र के शत्रुओं ने इस यात्रा के खिलाफ काफी दुष्प्रचार किया था। इस यात्रा में राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने अपने इराकी समकक्ष बरहम सालेह, प्रधानमंत्री आदिल अब्दुल मेहदी सहित वरिष्ठ इराकी अधिकारियों से भेंटवार्ता की है।

राजनीतिक टीकाकारों का मानना है कि राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी की इराक यात्रा के दौरान जिन समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं उसके अलावा इस यात्रा से क्षेत्र और विश्व में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश गया है।

स्वीडन के पूर्व विदेशमंत्री कार्ल बिल्ट ने इस यात्रा पर ध्यान दिया और उसकी तुलना कुछ दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की इराक यात्रा से की। बिल्ट ने ट्वीट पर लिखा कि ट्रंप ने इराक में केवल अमेरिकी सैनिकों से मुलाकात की और वह भी एक दूर हवाई सैनिक छावनी में और इराकी नेताओं से उन्होंने कोई भेंट नहीं की जबकि ईरान के राष्ट्रपति ने इराक यात्रा के लिए तीन दिनों को विशेष किया है।

ट्रंप अपनी पत्नी के साथ गोपनीय ढंग से दो घंटे की इराक यात्रा पर गये थे और इराक के अलअंबार प्रांत में स्थित हवाई सैनिक छावनी ऐनुल असद में अमेरिकी सैनिकों से भेंट की थी और उनकी इस यात्रा की इराकियों ने भर्त्सना भी की थी। इराकी राजनेताओं ने ट्रंप की गोपनीय इराक यात्रा को इराकी राष्ट्र का अपमान बताया था।

रोचक बात यह है कि ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी दिन को इराक गये हैं और वहां उनका भव्य स्वागत किया गया है जिससे ईरान को अलग- थलग करने और पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को खराब करने हेतु अमेरिकी प्रयास एक बार फिर विफल हो गये हैं।

अमेरिकी समाचार पत्र वाशिंग्टन टाइम्स ने भी लिखा है कि ईरान और अमेरिका के बीच जो प्रतिस्पर्धा चल रही है उसमें इराक में ईरान विजयी रहा है।

न्यूयार्क टाइम्स ने इराक में सुन्नी सांसद और संसद के प्रवक्ता अल मशहदानी के हवाले से लिखा है कि ईरान का छोटा शरीर और बड़ा दिमाक है और अमेरिका का बड़ा शहीर पर दिमाक़ छोटा है और यही वास्तविकता इस बात का कारण है कि इराक में ईरान विजयी है।

बहरहाल अमेरिकी दबाव के बावजूद क्षेत्र में इराक को ईरान का पहला व्यापारिक भागीदार समझा जा रहा है और धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक समानताओं के दृष्टिगत दोनों देशों के संबंध काफी मज़बूत हैं और दोनों देशों के नेताओं ने बल देकर कहा है कि कोई भी दोनों देशों के संबंधों को ख़राब नहीं कर सकता।